पंजाबी मां बोली का सम्मान: डबवाली के डॉ. नवीन नागपाल 107 बार रक्तदान के लिए सम्मानित
जिला रिपोर्टर रितेश गर्ग
(सिरसा,हरियाणा):-फतेहाबाद ।अध्यापन के साथ-साथ समाज सेवा का अनूठा उदाहरण पेश करने वाले डॉ. नवीन कुमार नागपाल को अंतर्राष्ट्रीय अध्यापक दिवस के उपलक्ष्य में विशेष सम्मान दिया गया है। पेशे से पंजाबी अध्यापक डॉ. नागपाल ने 107 बार रक्तदान करके समाज को प्रेरित किया है, जिसके लिए उन्हें पंजाबी अध्यापक और भाषा प्रचार व प्रसार समिति हरियाणा द्वारा प्रशंसा पत्र से नवाज़ा गया।
डॉ. नवीन कुमार नागपाल, जिन्हें पहले भी राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय और राजकीय स्तर पर कई बार सम्मानित किया जा चुका है, ने इस सम्मान को "पंजाबी मां बोली का सम्मान" और "पूरे शहर का सम्मान" बताया। उन्हें यह सम्मान सिरसा जिले की ओर से उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया गया।
गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस पर भव्य आयोजन
यह सम्मान समारोह 05 अक्टूबर को धन-धन श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस और अंतर्राष्ट्रीय अध्यापक दिवस के उपलक्ष्य में रतिया स्थित श्री अंगीठा साहिब गुरुद्वारा नथवान में आयोजित किया गया।
मुख्य अतिथि संत श्री बलजीत सिंह जी दादूवाल ने अध्यापकों के समर्पण की सराहना की और गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान को याद किया।
अन्य अध्यापकों और मेधावी छात्रों का भी सम्मान
कार्यक्रम में हरियाणा के विभिन्न जिलों से आए उत्कृष्ट पंजाबी अध्यापकों को भी उनके शिक्षा के प्रति अमूल्य योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, उन मेधावी छात्रों को विशेष रूप से पुरस्कृत किया गया, जिन्होंने पंजाबी विषय में 90 से लेकर 100 अंक प्राप्त करके अपने माता-पिता और अध्यापकों का नाम रोशन किया।
इस समारोह का उद्देश्य शिक्षा, भाषा और समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों को पहचान देना और नई पीढ़ी को प्रेरित करना था।