बाढ़ पीड़ितों की सेवा में डेरा जगमालवाली अग्रणी — संत बीरेंद्र सिंह खुद संभाले हुए हैं कमान
जिला रिपोर्टर रितेश गर्ग
(सिरसा,हरियाणा):-डबवाली।पंजाब के फ़ाज़िल्का ज़िले में बाढ़ की त्रासदी झेल रहे परिवारों की सेवा के लिए डेरा जगमालवाली के संत बीरेंद्र सिंह लगातार मोर्चा संभाले हुए हैं। संत स्वयं प्रभावित इलाकों में पहुँचकर लोगों से मिल रहे हैं, उनका दुख-दर्द बाँट रहे हैं और यह विश्वास दिला रहे हैं कि संकट की इस घड़ी में डेरा हर परिवार के साथ खड़ा है।
संत बीरेंद्र सिंह हाल ही में कावावाली पत्तन, धनी नत्था सिंह, मुहर सोना, मुहार जमशेर समेत आसपास की ढाणियों में पहुँचे, जहाँ उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की। उन्होंने हर घर जाकर न सिर्फ़ उनका हाल-चाल जाना बल्कि उन्हें हर संभव मदद का भरोसा भी दिया।
डेरा जगमालवाली की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में बड़ी संख्या में सेवादार तैनात किए गए हैं। जगह-जगह राहत कैंप लगाए गए हैं, जहाँ ज़रूरतमंदों को राशन, कपड़े, दवाइयाँ और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध करवाई जा रही है। संत जी के मार्गदर्शन में सेवादार दिन-रात सेवा कार्यों में लगे हुए हैं और कोई भी परिवार सहायता से वंचित न रहे, इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
डेरा प्रशासन की ओर से कहा गया है कि इस राहत कार्य में कई सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं ने भी सहयोग दिया है। डेरा जगमालवाली ने उन सभी संस्थाओं और व्यक्तियों का आभार व्यक्त किया है जिन्होंने मिल-जुलकर मानवता की सेवा में योगदान दिया। साथ ही अपील की गई है कि और अधिक संगठन एवं सेवाभावी लोग आगे आएं ताकि बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत मिल सके।
संत बीरेंद्र सिंह ने कहा —
"मानवता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। जब भी कोई विपत्ति आती है, इंसानियत का फ़र्ज़ है कि हम एक-दूसरे के साथ खड़े हों। डेरा जगमालवाली हर समय जनता की सेवा के लिए तत्पर है और रहेगा।"