सिरसा CDLU चेयरमैन के खिलाफ छात्रों ने खोला मोर्चा:राज्यपाल-वीसी को भेजी शिकायत, पुराने मामले उठाए; महिला प्रोफेसर लगा चुकी प्रताड़ना के आरोप

जिला रिपोर्टर रितेश गर्ग

(सिरसा , हरियाणा) : सिरसा में चौधरी देवीलाल यूनिवर्सिटी (CDLU) की महिला प्रोफेसर द्वारा चेयरमैन पर मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए जाने के बाद विद्यार्थी आगे आए हैं। विद्यार्थियों ने चेयरमैन के खिलाफ कार्रवाई के लिए हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय और वीसी प्रो. नरसी राम को शिकायत भेजी है।

शिकायत में चेयरमैन से जुड़े पुराने मामलों से भी अवगत करवाया गया है। विद्यार्थियों का कहना है कि पहले भी चेयरमैन कई मामलों में विवादों में रहे हैं, उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ऐसे में उनकी मांग है कि प्रो. अशोक मक्कड़ को चेयरमैन पद से निलंबित किया जाए। वर्ना वह जांच को प्रभावित कर सकते हैं।

सीडीएलयू के विद्यार्थियों द्वारा राज्यपाल और वीसी के नाम लॉ डिपार्टमेंट के खिलाफ भेजी गई शिकायत की प्रति।

सीडीएलयू के विद्यार्थियों द्वारा राज्यपाल और वीसी के नाम लॉ डिपार्टमेंट के खिलाफ भेजी गई शिकायत की प्रति।

इन मामलों का शिकायत में छात्रों ने किया जिक्र

छात्रों ने कहा कि पिछले दो साल से चेयरमैन प्रो. अशोक द्वारा महिला प्रोफेसर को मानिसक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। पिछले माह अप्रैल में सीडीएलयू की एक महिला कर्मचारी के साथ दो माह शिशु घर छोड़ने के लिए दबाव बनाया गया। 19 अप्रैल को सीडीएलयू में छात्रों ने विदाई पार्टी रखी, जिस पर चेयरमैन ने रोक लगा दी। इसके अलावा एक दिव्यांग छात्र का पत्र स्वीकार नहीं किया और अभद्र व्यवहार कर चुके हैं।

सीडीएलयू के विद्यार्थियों द्वारा राज्यपाल और वीसी के नाम लॉ डिपार्टमेंट के खिलाफ भेजी गई शिकायत की प्रति

सीडीएलयू के विद्यार्थियों द्वारा राज्यपाल और वीसी के नाम लॉ डिपार्टमेंट के खिलाफ भेजी गई शिकायत की प्रति

महिला प्रोफेसर पहले एसपी को दे चुकी शिकायत

इससे पहले महिला प्रोफेसर ने खिलाफ एसपी डा. मयंक गुप्ता को शिकायत दे चुकी है। शिकायत में प्रोफेसर ने चेयरमैन पर जातिगत और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप लगाए और निलंबित करने की मांग की है। दरअसल प्रोफेसर भी इसी चेयरमैन की पूर्व में स्टूडेंट भी रही है। अभी मामला स्टूडेंट की अटेंडेंस से जुड़ा है।

महिला प्रो. ने शिकायत में चेयरमैन पर अलग-अलग आरोप लगा 22 प्वाइंटों का जिक्र किया है। शिकायत में महिला प्रोफेसर ने कहा कि वह 8 माह की गर्भवती है। इसके बावजूद डिपार्टमेंट के चेयरमैन ने स्टूडेंट साहिल पर बेवजह अटेंडेंस रजिस्टर जमा करवाने के लिए उसे यूनिवर्सिटी बुलाने का दबाव बनाया गया। जब वह यूनिवर्सिटी में आई, तो चेयरमैन ने उसे बैठने के लिए भी कुर्सी नहीं दी और उसे बेइज्जत किया।

यूनिवर्सिटी में महिला की बिगड़ी तबीयत

उसी दौरान उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसके पति ने उसे अस्पताल में पहुंचाया। फिलहाल, महिला प्रोफेसर की हालत स्थिर है। उसने मैटरनिटी लीव के लिए चेयरमैन को एप्लिकेशन दी थी, पर उसे स्वीकार नहीं किया।

महिला प्रोफेसर का आरोप है कि चेयरमैन उसे ज्वॉइनिंग के समय से ही परेशान करता रहा है। वहीं विभागीय अध्यक्ष का कहना है कि ये सभी आरोप बेबुनियाद हैं। अध्यक्ष पद से उसे हटाने के लिए यह सब किया जा रहा है।

सीडीएलयू की महिला प्रोफेसर अपने ही विभाग के चेयरमैन के खिलाफ जातिगत और मानसिक प्रताड़ना के बारे में जानकारी देते हुए।

सीडीएलयू की महिला प्रोफेसर अपने ही विभाग के चेयरमैन के खिलाफ जातिगत और मानसिक प्रताड़ना के बारे में जानकारी देते हुए।

महिला प्रोफेसर ने यह मांग उठाई

महिला प्रोफेसर ने कहा कि चेयरमैन ने अपने पद का दुरुपयोग किया, उसे निलंबित किया जाए। उसे व उसके परिवार को चेयरमैन से उचित सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। इसके अलावा मातृत्व छुट्‌टी दी जाए।

महिला प्रोफेसर द्वारा चेयरमैन के खिलाफ दी गई शिकायत।

महिला प्रोफेसर द्वारा चेयरमैन के खिलाफ दी गई शिकायत।

जानिए क्या है पूरा मामला...

महिला प्रोफेसर ने प्रताड़ना को लेकर ये बातें बताईं...

  • डिपार्टमेंट के चेयरमैन ने बेवजह बुलाया: CDLU में लॉ डिपार्टमेंट की प्रोफेसर रवि रंगा ने बताया कि उन्होंने अटेंडेंस लेकर रजिस्ट्रर में छोड़ रखी थी और छात्रों से कहा था कि सभी अपना-अपना रोल नंबर ले लो। जब छात्र लॉ डिपार्टमेंट के चेयरमैन प्रो. अशोक मक्कड़ के पास गए तो उन्होंने कहा कि मैडम को यहां बुलाओ। तभी आपकी अटेंडेंस पूरी होगी।
  • मुझमें जाने की हिम्मत नहीं थी, फिर भी गई: प्रोफेसर ने बताया- मैं 1 मई से मैटरनिटी लीव पर हूं। स्टूडेंट मुझे फोन कर डिपार्टमेंट में बुला रहे थे। मेरी हिम्मत नहीं थी कि मैं यूनिवर्सिटी जा सकूं। फिर भी स्टूडेंट के भविष्य को देखते हुए मैं यूनिवर्सिटी गई।
  • वर्क एंड कंडक्टर की रिपोर्ट न भेजने की धमकी दी: प्रोफेसर ने कहा- 6 मई को चेयरमैन ने लॉ डिपार्टमेंट के वॉट्सऐप ग्रुप में मैसेज किया कि जो रजिस्टर जमा नहीं कराएगा, तो उसकी वर्क एंड कंडक्टर की रिपोर्ट नहीं भेजूंगा। बच्चों से चेयरमैन सर बोलते हैं कि अगर मैडम अटेंडेंस रजिस्टर जमा नहीं करवाएगी तो रजिस्ट्रार को मेल चलाऊंगा। इस वजह से मैं बहुत ज्यादा परेशान हूं।
  • बच्चों की डिमांड पर मैं यूनिवर्सिटी गई: उन्होंने कहा- 6 मई से मैं लगातार अस्पताल में आ रही हूं। आज मैं बच्चों की डिमांड पर लॉ डिपार्टमेंट में गई और अटेंडेंस सही कर आई और मेल भी कर दी। चेयरमैन कहते कि मेल कंसिडर नहीं होती। आपको रजिस्टर लेकर ही आना पड़ता।
  • मुझे शुरू से ही परेशान कर रहे: प्रोफेसर बोलीं- उन्होंने मुझे बहुत परेशान किया। जब से मेरी ज्वॉइनिंग हुई, तब से ही मेरे पीछे पड़े हुए हैं। मुझे जाति के लिए भी प्रताड़ित कर रखा है, क्योंकि मैं एक एससी टीचर हूं। पूरे लॉ डिपार्टमेंट में अकेली हूं।
  • शुरू में मेरी डिग्रियों पर सवाल उठाया: उन्होंने कहा- वे मुझे शुरू से ही विभाग में देखना नहीं चाहते। जब मेरा इंटरव्यू हुआ तो उस समय भी उन्होंने मेरी डिग्रियों पर सवाल उठाया। 2 माह का मेरा आर्थिक लॉस किया था, क्योंकि मेरी ज्वॉइनिंग 10 या 11 फरवरी 2023 को होनी थी। उन्होंने 13 मार्च 2023 को ज्वॉइनिंग करवाई। उसके बाद एक लेक्चर का वर्क लोड दिया, जबकि जो स्कॉलर है, उन्हें दो लेक्चर का वर्क लोड दे रखा है। यूजीसी की गाइडलाइन के अनुसार स्कॉलर को आप एक ही लेक्चरर दे सकते हो।
  • चेयरमैन की ओर से अटेंडेंस को लेकर प्रोफेसरों को भेजे गए मैसेज​​​​​​

प्रोफेसर के पति बोले- उस छात्र ने भी VC से शिकायत की

महिला प्रोफेसर के पति डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि चेयरमैन कई दिनों से रवि को मानसिक रूप से परेशान कर रहा था। जिस स्टूडेंट की हाजिरी रजिस्टर में पूरी नहीं थी, उसने भी CDLU के वीसी प्रो. नरसी राम बिश्नोई को शिकायत की है, ताकि सही से जांच की सके।

चेयरमैन ने मामले में ये 3 बाते कहीं...

  • सभी आरोप बेबुनियाद: मामले में CDLU से लॉ डिपार्टमेंट के चेयरमैन प्रो. अशोक मक्कड़ ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है। उन्होंने कहा- सभी आरोप बेबुनियाद हैं। महिला प्रोफेसर और उसका पति दोनों मेरे स्टूडेंट रहे हैं। मैंने उन्हें पढ़ाया है, उनके साथ गलत क्यों करूंगा।
  • केवल उन्हें नहीं सभी प्रोफेसर्स को कहा था: उन्होंने कहा- यह स्टूडेंट की हाजिरी के मामले कई बार कोर्ट तक भी चले जाते हैं। इसलिए ध्यान से चेक करना पड़ता है। एक को नहीं, विभाग के सभी प्रोफेसर को अटेंडेंस रजिस्टर्ड जमा करवाने के लिए बोला था। महिला प्रोफेसर ने कुछ विद्यार्थियों की हाजिरी पूरी लगा रखी थी, कुछ की नहीं। उन्हीं में से एक विद्यार्थी मेरे पास अटेंडेंस के मामले को लेकर आया था।
  • मैंने अटेंडेंस के हिसाब से रोल नंबर जारी करने की बात कही: चेयरमैन ने कहा- मैंने यही कहा था कि मेरे पास जो अटेंडेंस है, उसी हिसाब से रोल नंबर जारी होंगे। अगर कोई दिक्कत है तो प्रोफेसर से हाजिरी सही करवा लो। फिर वही छात्र महिला प्रोफेसर को लेकर यूनिवर्सिटी में आया था और लॉ डिपार्टमेंट के बाहर उसने कुछ देर तक अन्य प्रोफेसर से भी बात की थी।