हरियाणा की अर्थव्यवस्था ने पकड़ी रफ्तार, GSDP में 11.83 प्रतिशत की वृद्धि; वित्तीय प्रबंधन में सुधारों पर कैग की मुहर

सम्पादक रितेश गर्ग (चंडीगढ़ हरियाणा):- हरियाणा की अर्थव्यवस्था ने वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया है। भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (कैग) की राज्य के वित्त पर वर्ष 2024-25 की रिपोर्ट में हरियाणा की आर्थिक वृद्धि, कर संग्रह में बढ़ोतरी और वित्तीय प्रबंधन को लेकर उठाए गए कई महत्वपूर्ण कदमों का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार राज्य के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 11.83 प्रतिशत की वृद्धि हुई और राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद में हरियाणा का योगदान 3.67 प्रतिशत रहा।

कैग की रिपोर्ट में राज्य की वित्तीय स्थिति का स्वतंत्र आकलन करते हुए राजस्व एवं व्यय, ऋण स्थिति, उधारी के पैटर्न तथा राजकोषीय उत्तरदायित्व से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की गई है। रिपोर्ट में जहां वित्तीय अनुशासन को और मजबूत करने की जरूरत बताई गई है, वहीं केंद्र प्रायोजित योजनाओं में धनराशि की निगरानी के लिए अपनाई जा रही व्यवस्थाओं को सकारात्मक कदम के रूप में दर्ज किया गया है।

आर्थिक गतिविधियों में निरंतरता

कैग के अनुसार पिछले पांच वर्षों के दौरान राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में हरियाणा की हिस्सेदारी काफी हद तक स्थिर रही है। इससे देश की अर्थव्यवस्था में राज्य की निरंतर आर्थिक भूमिका सामने आती है। वित्त वर्ष 2024-25 में राज्य की राजस्व प्राप्तियों में पिछले वर्ष की तुलना में 5.05 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इसमें बेहतर कर संग्रह, विशेष रूप से वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी), तथा केंद्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी में बढ़ोतरी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। राज्य की अपनी कर प्राप्तियां कुल प्राप्तियों में लगभग दो-तिहाई हिस्सेदारी रखती हैं। यह राज्य की अपनी राजस्व क्षमता और कर संग्रह व्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है।